Thursday, May 24, 2018
Home > Religion And Culture

Holi Wishes and SMS

Happy Holi Wishes & Messages, Hindi Holi Shayari, Holi Quotes   होली (Holi) वसंत ऋतु में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण भारतीय त्यौहार है यह पर्व हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन  मास  की  पूर्णिमा को मनाया जाता है। रंगों का त्यौहार कहा जाने वाला यह पर्व पारंपरिक रूप से दो दिन मनाया जाता है। Happy Holi Wishes & Messages, Hindi Holi

Read More

Prem Se Bolo… Jai Sriram

श्री राम जय राम जय जय राम  • श्री राम जय राम जय जय राम  • श्री राम जय राम जय जय राम  • श्री राम जय राम जय जय राम  • श्री राम जय राम जय जय राम  • श्री राम जय राम जय जय राम  •

Read More

सरस्वती चालीसा

सरस्वती चालीसा (Saraswati Chalisa in Hindi) ॥दोहा॥ जनक जननि पद्मरज, निज मस्तक पर धरि। बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल दे दातारि॥ पूर्ण जगत में व्याप्त तव, महिमा अमित अनंतु। दुष्जनों के पाप को, मातु तु ही अब हन्तु॥ ॥चालीसा॥ जय श्री सकल बुद्धि बलरासी।जय सर्वज्ञ अमर अविनाशी॥ जय जय जय वीणाकर धारी।करती सदा सुहंस सवारी॥1 रूप चतुर्भुज धारी माता।सकल

Read More

गणेश चालीसा

गणेश चालीसा  (Ganesha Chalisa in Hindi) ॥दोहा॥ जय गणपति सदगुणसदन, कविवर बदन कृपाल। विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल॥ जय जय जय गणपति गणराजू। मंगल भरण करण शुभ काजू ॥ ॥चौपाई॥ जै गजबदन सदन सुखदाता। विश्व विनायक बुद्घि विधाता॥ वक्र तुण्ड शुचि शुण्ड सुहावन। तिलक त्रिपुण्ड भाल मन भावन॥ राजत मणि मुक्तन उर माला। स्वर्ण मुकुट शिर नयन

Read More

आरती जय जगदीश हरे

ॐ  जय जगदीश हरे  ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे || जो ध्यावे फल पावे, दुख बिनसे मन का स्वामी दुख बिनसे मन का सुख सम्पति घर आवे, कष्ट मिटे तन का || ॐ जय जगदीश हरे || मात पिता तुम मेरे, शरण गहूं मैं

Read More

हनुमान अष्टक हिन्दी

                  हनुमान अष्टक  बाल समय रवि भक्षी लियो तब, तीनहुं लोक भयो अंधियारों I ताहि सों त्रास भयो जग को, यह संकट काहु सों जात  न टारो I देवन आनि करी बिनती तब, छाड़ी दियो रवि कष्ट निवारो I को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो I को नहीं जानत है जग में

Read More

हनुमान चालीसा

॥ दोहा॥ श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि । बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि ॥ बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरौं पवन-कुमार । बल बुधि बिद्या देहु मोहिं हरहु कलेस बिकार ॥ ॥चौपाई॥ जय हनुमान ज्ञान गुन सागर । जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥१॥ राम दूत अतुलित बल धामा । अञ्जनि-पुत्र

Read More