Thursday, May 24, 2018
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डायरी क्यों लिखी जाती है ?

How to Write a Diary Every Day जीवन परिवर्तनशील और गतिशील है, हमारे जीवन अनुभव प्रतिदिन बढ़ते जाते हैं, जीवन के आरम्भिक दिनों में हमारे व्यक्तित्व को सुधारने एवम संवारने में डायरी लेखन से सहयोग मिलता है। How to Write a Diary Every Day. इस समय में लिखी गई डायरी से भविष्य को

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कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं 

Best of Harivanshrai Bachchan..... ....मै यादों का किस्सा खोलूँ तो, कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं.... ...मै गुजरे पल को सोचूँ तो, कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं....   ...अब जाने कौन सी नगरी में, ...आबाद हैं जाकर मुद्दत से.... ....मै देर रात तक जागूँ तो , कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं.... ....कुछ बातें थीं फूलों जैसी, ....कुछ लहजे खुशबू जैसे थे, ....मै शहर-ए-चमन में

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राखी – भाई बहिन का निश्छल प्यार

भाई बहिन का निश्छल प्यार है राखी भाई बहिन का निश्छल प्यार है राखी भागीरथी  की निर्मल सी धार है राखी सावन में राह निहारे आयेगा मेरा भैया ससुराल में पीयर का ख़ुमार है राखी सँजोकर रखी हमने अमूल्य समझकर संस्कृति का अनुपम त्योहार है राखी केवल कलई की शोभा इसे ना समझना देश-धर्म की रक्षा का विचार

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मैं कवि – कभी अक्षर की खेती करता

कभी अक्षर की खेती करता कभी वस्त्र शब्दों के बुनता बाग लगाता स्वर-व्यंजन के मात्राओं की कलियां चुनता मैं कवि, कृषक के जैसा करता खेती कविताओं की और कभी बुनकर बन करके ढ़कता आब नर-वनिताओं की भूत-भविष्य-वर्तमान  सभी तीनों काल मिले कविता में बर्फ के मानिंद ठंडक मिलती ताप मिलेगा जो सविता में मैं भविष्य का वक्ता मुझको सूझे तीनों काल की बातें ं

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जग संतान जनक तू सबका हे भगवान – पाण्डेय ‘व्यग्र’ Pandey Vyagra

रचनाकार परिचय :- विश्वम्भर पाण्डेय 'व्यग्र'  ''जन्म तिथि :-01/01/1965 विधा - कविता, गजल , दोहे, लघुकथा, व्यंग्य-लेख आदि सम्प्रति - शिक्षक (शिक्षा-विभाग) प्रकाशन - (1)कश्मीर-व्यथा(खण्ड-काव्य)(2) कौन कहता है ...(काव्य-संग्रह) एवं मधुमती, दृष्टिकोण, अनन्तिम, राष्ट्रधर्म, शाश्वत सृजन, जयविजय, गति, पाथेय कण, प्रदेश प्रवाह, सुसंभाव्य, शिविरा पत्रिका, प्रयास, शब्दप्रवाह, दैनिक नवज्योति आदि पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित | प्रसारण -

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